छोटे से संकल्प से शुरू हुआ सफर, आज लाखों किसानों की साझा आवाज़ बन चुका है। यह है हमारी यात्रा की कहानी।
आंदोलन की यात्रा
हर कदम, हर मील का पत्थर हमें किसानों के अधिकारों की लड़ाई में मजबूती से आगे बढ़ाता है।
बुंदेलखंड के 12 गाँवों के किसानों की एक पंचायत बैठक में किसान क्रांति दल की नींव रखी गई। यहाँ से शुरू हुआ वह सफर जो आज लाखों किसानों की आवाज़ बन चुका है।
स्थापनाफसल बीमा भुगतान में देरी के खिलाफ 8 जिलों में एक साथ धरना, हज़ारों किसान जुड़े। यह हमारा पहला संगठित आंदोलन था जिसने जिला प्रशासन को हिला कर रख दिया।
आंदोलनप्रदेश की विधानसभा में किसानों की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। 5,000 से अधिक किसानों ने इस ऐतिहासिक मार्च में हिस्सा लिया।
विधानसभा मार्च12 राज्यों में जिला इकाइयों का गठन, महिला व युवा प्रकोष्ठ की स्थापना। संगठन ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू की।
विस्तारदेश के 15 राज्यों से 50,000 से अधिक किसान एक मंच पर जुटे। यह अब तक का सबसे बड़ा किसान सम्मेलन था, जिसमें MSP और ऋण मुक्ति पर ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित हुए।
महापंचायतMSP गारंटी कानून हेतु ज्ञापन संसद में सौंपा गया, राष्ट्रव्यापी मीडिया कवरेज मिला। किसानों की आवाज़ अब राष्ट्रीय नीति के केंद्र में पहुँच चुकी है।
संसदआज संगठन 18 राज्यों, 240+ जिलों में सक्रिय — अगला लक्ष्य हर गाँव तक पहुँचना। यह सफर अब भी जारी है, और अब हम और भी मजबूत हैं।
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