राष्ट्रीय किसान संगठन · स्थापना 2019
किसान क्रांति दल — अन्नदाता के सम्मान, उचित मूल्य और अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाला एक संगठित जन-आंदोलन। हम मिट्टी से जुड़े हैं, इसलिए सत्ता तक की हर लड़ाई लड़ते हैं।
हमारा परिचय
किसान क्रांति दल गाँव-गाँव से उठी उस आवाज़ का नाम है, जो खेत की मेहनत को उसका सही मूल्य दिलाना चाहती है। हम किसी एक क्षेत्र या फसल तक सीमित नहीं — हमारा दायरा हर उस परिवार तक है जो हल, बीज और पसीने से देश को अन्न देता है।
संगठन का जन्म गाँव की पंचायतों में हुई उन चर्चाओं से हुआ, जहाँ किसानों ने तय किया — अब सिर्फ फसल नहीं, अपना भविष्य भी खुद तय करेंगे।
आंदोलन की यात्रा
छोटे से संकल्प से शुरू हुआ सफर, आज लाखों किसानों की साझा आवाज़ बन चुका है।
बुंदेलखंड के 12 गाँवों के किसानों की एक पंचायत बैठक में किसान क्रांति दल की नींव रखी गई।
फसल बीमा भुगतान में देरी के खिलाफ 8 जिलों में एक साथ धरना, हज़ारों किसान जुड़े।
12 राज्यों में जिला इकाइयों का गठन, महिला व युवा प्रकोष्ठ की स्थापना।
MSP गारंटी कानून हेतु ज्ञापन संसद में सौंपा गया, राष्ट्रव्यापी मीडिया कवरेज मिला।
आज संगठन 18 राज्यों, 240+ जिलों में सक्रिय — अगला लक्ष्य हर गाँव तक पहुँचना।
हमारा मिशन
हर स्तंभ एक वादा है — जिसे नीति, आंदोलन और संगठन शक्ति से पूरा किया जाता है।
सभी फसलों पर कानूनी MSP गारंटी के लिए निरंतर संघर्ष और नीति पैरवी।
छोटे व सीमांत किसानों के लिए ऋण माफी और सस्ते कृषि ऋण की माँग।
प्राकृतिक आपदा में फसल बीमा दावों का त्वरित व पारदर्शी निपटारा।
बलपूर्वक भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध और उचित मुआवज़े के लिए कानूनी सहायता।
आधुनिक खेती प्रशिक्षण, स्टार्टअप सहयोग व ग्रामीण रोज़गार सृजन।
सिंचाई, कोल्ड-स्टोरेज, ग्रामीण सड़क और मंडी सुविधाओं का विस्तार।
हमारी मांगें व अभियान
यह वे प्रमुख अभियान हैं जिन पर किसान क्रांति दल सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
अभियान 01
हम मांग करते हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी अधिकार बनाया जाए, ताकि कोई भी किसान अपनी उपज बिचौलियों की दया पर बेचने को मजबूर न हो।
अभियान 02
प्राकृतिक आपदा और बाजार की अनिश्चितता से टूटे किसान परिवारों के लिए एकमुश्त ऋण राहत और शून्य-ब्याज फसल ऋण की मांग।
अभियान 03
गाँव के युवाओं को आधुनिक खेती, जैविक उत्पादन और कृषि-व्यवसाय की ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाना — ताकि पलायन रुके, समृद्धि गाँव में रुके।
किसानों की आवाज़
नेतृत्व
गाँव की मिट्टी से निकले नेता, जिन्होंने संगठन को दिशा दी।

किसानों के अधिकारों, न्यायपूर्ण नीतियों और ग्रामीण विकास के लिए समर्पित नेतृत्व, जो संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत दिशा प्रदान करता है।

संगठन की वित्तीय व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध।
गैलरी
किसान गौरव यात्रा — 2025
जिला सम्मेलन
धरना प्रदर्शन
युवा प्रशिक्षण शिविर
महिला किसान सम्मेलन
संसद मार्चसमाचार व अपडेट

प्रस्तावित किसान महापंचायत में शामिल होने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने का आरोप, जिसे संगठन ने किसानों की आवाज़ दबाने का प्रयास बताया।
पूरा पढ़ें
भारतीय किसान यूनियन (भानु) के नेतृत्व में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण जल सत्याग्रह किया और किसान हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
पूरा पढ़ें
संगठन ने स्पष्ट किया कि किसानों के मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते हुए उनकी आवाज़ सीधे संसद और विधानसभा तक पहुँचाई जाएगी।
पूरा पढ़ेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न